इमाम अली अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैः लोग दुनिया में उन यात्रियों की तरह हैं जिन्हों सुस्ताने के लिए पड़ाव डाला हो और उन्हें यह पता न हो कि कब प्रस्थान की पुकार हो जाए।
14 जुलाई 2014 - 14:44
समाचार कोड: 623925
इमाम अली अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैः लोग दुनिया में उन यात्रियों की तरह हैं जिन्हों सुस्ताने के लिए पड़ाव डाला हो और उन्हें यह पता न हो कि कब प्रस्थान की पुकार हो जाए।